धोधाबाई की कथा

रचना व्यास

धोधाबाई की कथा
(296)
पाठक संख्या − 17535
पढ़िए

सारांश

"इस बार श्राद्धपक्ष में पिण्डदान करने काफी लोग गयातीर्थ जा रहे है। सोचता हूँ मैं भी अपने पितरों को तृप्त कर ही दूं। " चतुरसिहं ने मालती को अपनी मशां बताई। "वाह ! पन्द्रह दिन तक इनके पीछे से खूब ...
Raja Pandit
bahut badhiya maza aaya kahani padh kr
Babita
horror to nhi thi per achi thi enjoy kiya
Sarika Yadav
bht hi achi kahani h
Manju Thakur
अच्छी कहानी थी बीच बीच में रजिस्थानी भाषा का प्रयोग बहुत अच्छा लगा
Tr Ashish Maheshwari
total bakwaas h, isme kon sa horror tha, Jo horror kahaniyan me Diya , chutiya samjhte ho readers ko 😠😠😠😠😠😠😠😠
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.