धुआं

उद्भ्रांत

धुआं
(42)
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सारांश

सीढि़यां पार कर वह ऊपर पहुँचा तो दूर से ही अम्मा की झलक दिखाई दे गई। वहीं से वह चिल्लाया, ‘‘अम्मा, राम.राम!’’ अम्मा का झुर्रियों से भरा चेहरा ऊपर उठा। ‘‘कौन मुकुल है क्या?’’ और उसके साथ ही एक मीठी ...
गोविंद सिंह वर्मा
बहुत बढ़िया कहानी है ।
Reema Bhadauria
Bahut sunder story 😊😊
सोमेश कुमार
MAAN KA DIL USE KRTVY AUR BEBSI KI SUNDER KTHA
Priyanka Upadhyay
very beautiful story...
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