धंधा

सेवा सदन प्रसाद

धंधा
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सारांश

सुंदरता कहीं भी रहे, लोगों की नजरों से बच नहीं सकती। तभी तो ”धारावी“ जैसे गंदे इलाके में भी कार आकर रूक जाती। झुग्गीवालों के लिए कार का आना अब कोई अजूबा नहीं रहा। एक जमाना था जब इस इलाके में कार आती ...
Anshul
I think real story of India. Modi chand pe poochne ki baat kar rahe hai aur doosri taraf log bhuke pet mar rahe hai .. berojgaar bharat ki itni bari samasaya hai ye kisi ki nahi likhte aur chale hame politician mars par Jane
Subhi Mishra
मज़बूरी इंसान से क्या क्या नहीं कराती है... बहुत ही मार्मिक कहानी
Hemant Nishad
अगर आप की कहानी में हम शार्ट फ़िल्म बनाना चाहे तो आप अपनी कहानी दोंगे
Meena Bhatt.
धंधा-----धंधा कानों में बस यही शब्द बोल रहे हैं।कलम में काफ़ी शक्ति है दिल में उतर गई आप की कहानी।शुभकामनाएं
Adiraj Keertiramsantosh
Kya kahe hum kaise samaj Mai ji Rahe hai
Geeta Ved
sunder yatharthpurn rachna
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