दो लव्ज़ ज्यादा

शरोवन

दो लव्ज़ ज्यादा
(13)
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सारांश

‘दिल टूटने का कोई शोर या आवाज़ हुआ करती तो कोमल एहसासों के जज़बात चटकते ही सारी दुनियां को पता चल जाया करता कि किस के दिल पर कब कोई गाज़ गिर पड़ी है। मीनल ने जिस तरह से आहिस्ता-आहिस्ता अमलतास के दिल में अपने कदम बढ़ाये थे, ठीक उसके विपरीत वह ऐसा धमाका करके उसके अरमानों पर ठोकर मारती हुई बाहर निकल गई कि अमलतास मूर्ख बना केवल देखता ही रह गया। दिल की कोमल भावनाओं से अपनी नज़ाकत के जरिये मन बहलाने वाली लड़की अपने झूठे प्यार के वास्ते दिखाकर एक भोले-भाले इंसान को क्या देगी? ये बात आज के हरेक युवा को जानने की बहुत आवश्यकता है।’
Sahil Salmani
nice
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Abhishek Jaiswal
ok
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vinita
good
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