दो बाँहें, एक गंध और ख़ालिस रोमांस

रजनी मोरवाल

दो बाँहें, एक गंध और ख़ालिस रोमांस
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vishleshwar
बहुत खूबसूरत लिखा है ।
Noopur Awasthi
shabdo ka mohit karne vala mayajal
Sangeeta Singh
सर्वप्रथम लेखक महोदय को बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने एक उम्रदराज औरत की भावनाओं और एहसासों को इतनी खूबसूरती से लिखा , प्यार की जरुरत हर इंसान को हर उम्र में होती है यह दर्शाती है यह कहानी.
राजदीप सिंह इन्दा
अति मार्मिक कहानी....साहित्यिक भाषा के रूप में समाज के घाव...।।
Saroj Tripathi
अति सुंदर
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