देवांश

वीणा वत्सल सिंह

देवांश
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सारांश

उसने जिस -जिस से टूट कर प्यार किया उन्हें ही कारण - अकारण अपनी जिन्दगी से दूर कर दिया .अपने अन्दर के खालीपन को और भी खाली करता चला गया - चाहे माँ हो ,प्रेयसी हो या बहन हो --- एक झटके से सारे रिश्ते ...
Ram Vishwakarma
फिर क्या हुआ?
Hbk Divyansh Ranjan Dwivedi
और ये कहानी भी उत्सुकता के चरम पर आ कर रुक गई....... हो सके तो इसे पूरा कीजिए
Beena Awasthi
अद्भुत कहानी है वीणा जी। एकदम अन्दर तक उतर जाने वाली।
Richa Ajmera
bahut hi sundar........
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