देवदासी

मौमिता बागची

देवदासी
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पाठक संख्या − 5249
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सारांश

यह कहानी कोई सौ साल पुरानी है। बात उस समय की है जब हमारे देश में देवदासी प्रथा प्रचलित थी। हालांकि आज भी कुछएक जगहों में छुप-छुपकर यह प्रथा चला करती  है। लेकिन यह प्रथा अब कानूनी तौर पर अवैध घोषित हो ...
Mickenzy Titus
क्षमा चाहता हूं कि सब लोग देवदासी में उलझकर रह गये सच्चा प्यार ही कथा का सार है ईश्वर अौर मनुष्य दौनो ही बंधे हैं जिससे
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Pankaj Shukla
Devdasiya, bhoot kaal ka ek sach...achcha lekhan👍👍
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विनीत शर्मा
फिर एक बार उम्दा लेखन किन्तु देवदासी की व्याख्या करने यहां जरूरी था, जिसमे आप चूक कर गए। प्रेम का स्थान सबसे ऊपर होता है लेकिन यहां प्रेम ढीला-ढाला सा दिखा।
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Varunika Soni
Nice story
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Asha Shukla
अत्यन्त प्रभावशाली रचना।
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डॉ.अनुराधा शर्मा
बहुत अच्छी कहानी
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मनमोहन भाटिया
सच्चे प्रेम ने देवदासी का उद्धार किया। अच्छी कहानी।
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