दूसरी शादी

अनिल जांगड़ा

दूसरी शादी
(93)
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सारांश

क्या शादी के लिए प्यार को भूलना पड़ता है? कहानी पढ़कर जानिए
Santosh Vidyadhar Mishra
बहुत ही बढ़िया कहानी
Preeti Chauhan
bahut achchhe tarah se Kahaani Ko samapt Kiya hai aapne ... agar aisi hi soch k saath log ek dusre Ko pyaar kare to aadhi se jyada samasyaaye khatam ho jaye.... pyaar Khushi Dena sikhata hai, dukh Dena nahi... bahut achchha msg hai .
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Vinay Saxena
कुछ टंकण त्रुटियाँ हैं या फिर लिखने की शैली! जैसा कि एक जगह लेखक ने लिखा है कि वह नौसिखिया है😊,थोड़ी सी मेहनत से यह क्लासिक बन सकती थी।शुभकामनाएं💐💐
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KD Sharma
अतिउत्तम
Utkarsh Mishra
Acha laga.., 👌👌👌
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Swarnlata Singh
अच्छा लिखते है।।
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