दूर हो गयें

Rakesh Sonkar

दूर हो गयें
(11)
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सारांश

तमाम ख्वाहिशें जीवन की
Seema Rana
nice
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Reetu Gulati
बढिया
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Dharmendra Kumar
बहुत बढिया सर!
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Seema Tiwary
bhut khub sir ji
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राजेश कटरे
बड़ी खूबसूरती से आपने मजबूरियों को व्यक्त किया है ।
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अचलेश सिंह
प्रेम में विछोह के दर्द का बखूबी चित्रण किया है आपने। बहुत सुन्दर।
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