दूर की सोच

आशीष कुमार त्रिवेदी

दूर की सोच
(53)
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सारांश

वकालत के पेशे में ह्रदय नारायण ने अभी पहचान बनानी शुरू ही की थी। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने एक नामी मुवक्किल का केस जीता था। केस पेचीदा था और उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा से जुड़ा था। इसलिए वह केस जीत ...
Arun Sewak
आज के जीवन का कटु सत्य है यह
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Malti Tripathi
वर्तमान सामाजिक परिवर्तन का चित्रण एवं बच्चों की माँ बाप के प्रति निष्ठुरता दिखी ।कहानी दिल को छू गयी ।
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लायबा अंसारी
kahani bht achchi or sachchi si hy mgr kuch adhuri hy.......boodhy vyakti ko nyaye mila or dhokebaz bete ko ssza tab hi kahani ka uddeshya pura hota
Pratik F Bramhane
very hard touching lines very nice
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Chhaya Srivastava
कड़वी सच्चाई
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Pawan Pandey
बूढ़े आदमी को न्याय पाते बताया नहीं गया जो कि आवश्यक लगता है
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Shalini Vashisth
nice
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Itika Soni
बहुत सही लिखा आपने........👍👍👍👍
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