दूर की सोच

आशीष कुमार त्रिवेदी

दूर की सोच
(18)
पाठक संख्या − 2684
पढ़िए
Anju Chouhan
bahut sahi
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Gaurav Gangwar
nyc
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Chunni Asnani
Ati sunder...... Ye aaj ki zarurat hai unke liye jo maa baap ko bojh samjhte hai
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Annapurna Mishra
हाँ, अब ये पहल तो करनी ही पड़ेगी।अब ये कोरी कल्पना नही रही,पूरी सच्चाई के साथ समाज के सामने खड़ी है,उनके यहां भी जिनके पास अरबों की सम्पत्ति है।
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Sandhya Singh
Khubsurat kahani .Aur sandesh b acha dete h .Ki sb bachho k hota h pr parents k na rhne k baad .jo aysa krte h unko saza milni he chahiye
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