दीवाना

रणजीत प्रताप सिंह

दीवाना
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सारांश

जिंदगी भर तेरी बांहों में मैं रहूँ. आँखों से प्यार का जाम पीता रहूँ अश्क हो या हँसी, साथ शामिल हो हम साथ ही मैं मरुँ, साथ जीता रहूँ || तेरे ख्वाबों को सारे सजा मैं सकूँ जिंदगी में तेरी भर दूँ सारे ...
गौरी शुक्ला
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