दिवाली की शाम

अनिल प्रभा कुमार

दिवाली की शाम
(2)
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सारांश

ड्राइव-वे पर लट्टू ने कार रोकी तो वह दरवाज़ा खोल कर बाहर निकल आए । धीमे- धीमे क़दमों से अपने घर की ओर बढ़ते वह वहीं बीच मे रुक गये वह अक्सर ऐसा करते थे जैसे अपने ही घर को किसी और् की नज़रों से तोल रहे ...
Sushil Patel
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