दिल मेरा आवारा शहर सा हो गया

सुशील शर्मा

दिल मेरा आवारा शहर सा हो गया
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सारांश

इश्क़ तुझ से इस कदर सा हो गयादिल मेरा आवारा शहर सा हो गया।मैं अकेला और तुम तन्हा सी रहीं।क्यों यह रिश्ता दर बदर सा हो गया।ये प्यार ,मौसम ,हवायें और चांदनी।जाने क्यों सब बीते सफर सा हो गया।गुरुर जिस पर
Gayatri Vaishnav
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