दिल की बात.... लौट आना तुम

रितेश कुमार सक्सेना

दिल की बात.... लौट आना तुम
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सारांश

मेरी ये कविता उनको ज्यादा पसंद आएगी जो लोग अपने प्रेम की ख़ुशी के लिए दूर तो जाने दे रहे है ..... लेकिन दिल में एक ही आश है कि वापस आ जाये समझ में आये तो कृपया समीक्षा जरूर करे...
जितेन्द्र सिंह
Vah ritesh g कमाल लिखा है आपने मजा आ गया
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kiran
sundar rachna
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मोनिका
Khubsurt poem.
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Nita Shukla Dubey
बहुत खूब
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Amar Nath Soni
Very nice
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