दिल्लगी

Divya rani Pandey

दिल्लगी
(32)
पाठक संख्या − 215
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सारांश

इश्क़ की  बदनाम गलियों से दूर खड़े.......रह कर हमने तो सिर्फ दिल्लगी की है। D R P ...
Sona Mishra
ओर थोड़ा होना चाहिए था । मन नही लगा
और्व विशाल
अक्सर ये दिल्लगी किसी के दिल पर लग जाती है ....anyway nice
Suhani Varshney
बहुत ही अच्छा लिखा है आपने #mam
Bhaliya Ghanshayam
👌👌👌
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Vickey#
😄😄 बहुत ही सुन्दर।
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अतुल पाण्डेय
। ,,,,,,,,, वो भी केवल मोहन से
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Rajkumar Sahu
बहुत खूब लिखा है
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