दादी

नृपेन्द्र शर्मा

दादी
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सारांश

दादी का प्यार माँ बाप से भी अधिक ही होता है।
Dipti Biswas
मेरी दादी प्यारी दादी।
Kamlesh Kumar Singh
Bahut sundar... dil ko chhu liya kanani ne. Thank u sir ji
Aruna Garg
bahut achchi kahani
Shivam Garg
सत्य है दादी का वात्सल्य भिन्न एवं सर्वश्रेष्ठ कोटि का होता है काश मैं अपनी दादी के अन्तिम समय में उनके पास होता वो भी मुझे देखना चाहती थी ।। प्रभु उनको अपनी शरण में ले ।
Renu
वाह नृपेन्द्र -- मुझे भी बचपन में मेरी दादी ने पाला है अतः मुझे इस तरह की रचनाएँ भावुक कर देती हैं |दादी और पड़पोते का ---प्रेम बहुत स्वाभाविक और बहुत ही मृदुल भावों से भरा होता है | इस मन को छूनेवाली रचना के लिए हार्दिक आभार आपका |
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Anupama Agarwal
चार पीढ़ियों का सफ़र....एक ही कहानी में....बहुत सुन्दर...दिल को छू गई आपकी ये रचना...👌👌👌कृपया मेरी भी रचनाएँ पढ़कर अपनी समीक्षा दें....
डॉ. पूनम बनर्जी
सुन्दर रचना, एक बूढी औरत किस प्रकार अपने जीवन को याद करती है,बहुत खूबसूरती से वर्णन किया है आपने
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