दर्द दिल का इन आँखों में उतर आता है

प्रषान्त मिश्र

दर्द दिल का इन आँखों में उतर आता है
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सारांश

पर्दा जितना भी करूँ उतना उभर आता है। दर्द दिल का इन आँखों में नज़र आता है।। एक उम्मीद ले मैं बैठा था बड़ी मुद्दत से। सांझ के बाद ही सुबहो का पहर आता है।। सब जिसे कहते ग़ज़ल है वो मेरा हाले दिल। मुझको न ...
Birendra Sahay
बहुत खूबसूरत ।
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