दर्जा

रेणुका चिटकारा

दर्जा
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सारांश

दर्जा जब तक नौकरी थी उसकी पूरे  मोहल्ले में ठसक थी, लेकिन रिटायर्मेंट के बाद लोगों की नजरों में भी फर्क आ गया था | बहू की रोज की खटर पटर से बचने के रोज शाम होते ही  नियत समय पर पार्क के उस बेंच पर ...
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