दया

Prateek Agrawal

दया
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सारांश

एक घर के सामने सडक बन रही थी, गरीब मजदूरिन वहाँ काम कर रही थी. मजदूरिन के घर का सारा बोझ उसी पर पडा था, उसका नन्हा सा बच्चा साथ ही खडा था. उसके घर के सारे बर्तन सूखे थे, दो दिन से उसके बच्चे भूखे थे. ...
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