तेरी याद

Sangeeta Raturi

तेरी याद
(2)
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सारांश

हवा का हल्का सा झोंका   कानों के पास छूकर        गुजर गया है           जैसे । हां-फिर तेरी याद आई  है    और दिल में सुकून      उतर गया है            वैसे ।। बारिश की बूंदे गिरती हैं धरती पर सौंधी ...
Mr. Alone...
Nice...dear...👏👌👌
Lekh S
bhut badiya bhut badiya
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