तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िंदगी

अन्नदा पाटनी

तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िंदगी
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सारांश

तन्वी थकी होने के कारण सोफ़े पर पसरी हुई थी । झपकी भी आ रही थी । तभी मोबाइल घूं घूं करने लगा । बिल्कुल भी बात करने का मूड नहीं था । पर देखा कि बाबूजी का फ़ोन है तो तपाक से उठा लिया । उधर से बाबूजी ने ...
Manoj Shukla
Very nice Story
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ajeetsingh
बहुत अच्छी है
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Manisha Raghav
अति उत्तम
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Yogesh Sinha
आज के समाज पर अच्छी अभिव्यक्ति ।
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Seema Sharma
very nice 👌👌
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Sunil Joon
very nice story
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Medha Pande Joshi
Very true
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Purnima Kashiva
very nice 👍
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manjula Gupta
बदलती सोच
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Neelima Ghosh
samjhdar aur sanskari ladki sab sambhal sakti hai..Achhi kahani
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