ड्राइवरों में छुपे कवि को मेरा सलाम...!

घुमक्कड़ समीर

ड्राइवरों में छुपे कवि को मेरा सलाम...!
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सारांश

हमारे देश में शेरों-शायरी का तो रिवाज़ बहुत पुराना है, पर हर शायर आज इतना मशहूर नहीं है | पर कुछ दिनों में मै शायरों की कुछ नयी शायरी से परिचित हुआ हूँ, जिसे शायद आपको भी पढना चाहिए | मै बहुत दिनों से ...
Sidhik Ker
aap ne bilkul sahi bataya he🤗
रमेश मेहंदीरत्ता
बहुत सुंदर है।क्रेडिट तो पेंटर लोगों को भी जाएगा।
Himanshu Goswami
वाहन चालकों के दिलों दिमाग में चलने वाले भावों को आपने अपने शब्दों के खूब संवारा है | बहुत बहुत धन्यवाद !!!
anjali lal
good observation...dekhte to hum b the...but kbi es tarah Socha ny... thanks for reminding ..
Hemant Jha
बहुत शानदार लेख, बधाई हो ।
दीपिका पाण्डेय
Ty for this NYC nd unique post... sach toh ek aur bhi h..drivar jinhe duniya driver Manti h... mein unhe swarthy(Krishna or God) se Kam nhi samjhti.... vo ek achcha margdarshak hote h...chand lamho k safar mein leeway rupi gaaddi kese chalete h... asaani se seekha jate h...... Maine ek AISE driver ko b dekha jo bahut hi khuddar Nikla... uskiii bachchi kehti reh gyi ki Papa mujhe bhi is vehicle m baithna h.... usne yeh keh kr saaf mana kr diya ki gudiya ye mere Malik ki h.... mein ispr baithakr apko ghuma niii skta... Ty sir iss lekh k liye... Ty so much... sabhi pathakgann ki Taraf se... 🙂🙏🙏
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