डोली से अर्थी तक

Suneeta Gond

डोली से अर्थी तक
(23)
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सारांश

मेरा मोबाइल लगातार बज रहा था। मैं किचन में खाना बना रही थी, जैसे ही मोबाइल उठाया और हेलो किया मेरी मां की आवाज़ थी उन्होंने कहा कि "दीदी का देहांत हो गया है हम सब लोग आज ही रात अपनी गाड़ी से गांव जा ...
Neena jain
मार्मिक चित्रण किया है। शादी लड़की काद दूसरा जन्म होता है। विवाह एक एहसास है। विश्वास पर जिन्दगी कटती है।
Anand Parkash Aggarwal
बहुत ही मार्मिक वर्णन किया गया है। 😥 😥 ज्यादा कहने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। इतना ही कि हर इंसान अपना फर्ज एवं रिस्ते को निभाने की कोशिश करें तो सब ठीक होता चला जाता है।
Pragya Bajpai
शानदार कहानी।
Rashmi Sharma
apne bete se apna dard banti pr mnn bhr aya story padkar
Davinder Kumar
, आप की अंतिम पंक्ति दिल को चीर गई
Vijaykant Verma
हमारी राय में बेटियों की शादी किसी भी अनजान लड़की से करना ठीक नहीं। शादिया वही होनी चाहिए , जहां लड़कों को दो चार महीनों से नहीं बल्कि दो 4 साल से लोग जानते हो..💐💐
विनीत शर्मा
जीवंत कहानी, पत्रों का सजीव वर्णन, आंखें नम हो गयी, गजब की कल्पना शक्ति के साथ ही साथ लेखनी का कमाल भी देखने को मिला कहानी में।
sapna sharma
behad marmik pad k maan bhar aaya
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