डेढ़ बलि-10 अंतिम भाग

Zahid Ali

डेढ़ बलि-10 अंतिम भाग
(77)
पाठक संख्या − 1691
पढ़िए

सारांश

अबतक आपने पढ़ा कि कैसे सरोज को पता चलता हैँ कि नितिन ने परी लता को मारने के बाद अपनी खुद कि तीनो बच्चियों कि बेदर्दी से बलि चढ़ा दी, और फिर कैसे सरोज नितिन को बुला कर बहुत तड़पा तड़पा कर उसे नरक पंहुचा देती हैँ, अब आगे!.....
Preeta Singh
very nice story,yun hi likhte rhen
स्वाती श्रीरामे
बहुत ही सुंदर , दिलचस्प , डरावनी और शिक्षाप्रद कहानी .... 👌 👌 👌
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Shabnam Khorajiya
nice story, pr andhvishwas, or bete ko zyada valuable samjhna galat h aaj k is waqt m betiyaan bhi bete se kum nhi, bulke zyada hi izzat Or naam krti h parents ka
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fk bhati
zahid ji aapki sari story padhi h mene har story bahut hi intresting lagi koi nai love story likhiye plz.
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Satish Pareek
जाहिद जी आपने एक उद्देश्य पार्क कहानी लिखी। आवश्यकता है बेटी और बेटे को एक समान समझने की। इन तांत्रिकों के चक्कर में जो हाथ में होता है हैम उसे भी खो देते हैं। आप की लेकनि ऐसी ही समस्याओं को उठाती रहे यही आपसे आशा है। समाज के तलाक, हलाला आदि पर भी आपकी कलाम से अपेक्षा है। सामाजिक उद्देश्य पार्क लेखन के लिए धन्यवाद।
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Vinaya Rajora
shandar 👏👏👏👏
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Tulsiram JaiSwal.
बहुत सुन्दर प्रस्तुति दी है धन्यवाद आपका आगे भी ऐसी रचनाएं मिलती रहेंगी इसी आशा के साथ धन्यवाद
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Ria Soni
aapke vichar bahut achhe hai aur kahani bhi
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