डुप्लिकेट साड़ी

नीतू सिंह 'रेणुका'

डुप्लिकेट साड़ी
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सारांश

कभी ऐसा भी हो जाता है कि बड़ी दिक्कतों से हासिल की अपनी मनपसंद चीज़ से हमें हमेशा-हमेशा के लिए घृणा हो जाए।
Priya Singh
bahut hi badhiya...meri bhi rachna Ko padh kar mera utsah badhayen
Shushma Tiwari
इसीलिए मैं अधिकांश अपनी डिज़ाइन की हुई साड़ी पहनती हूं जो एक ही होती है
Naresh Chandra
बहुत सुंदर कहानी
nidhi Bansal
स्त्रीयों की मनोदशा का सटीक वर्णन
Shalu Ghildiyal
😂😂😂 समझ सकती हूं ।
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