ठिठुरती ठंड में बिलखती भूख

दर्शिका केसरवानी

ठिठुरती ठंड में बिलखती भूख
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सारांश

कई बार सड़क किनारे या मंदिरों के बाहर बैठे लोगों को देख के कुछ लोगों के मन में दया का भाव उत्पन्न होता है तो कुछ उनको देख के मुंह बिचकाते है.. किसी को उनके प्रति कुछ करने की धारणा कचोटती है, तो किसी ...
param veer singh
सुंदर रचना
Kamlesh Vajpeyi
सुन्दर रचना ! विचारणीय प्रश्न !
Deepika Manoj Attri
Nice....biht achi soch h
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