ट्रांसजेंडर

DrLalitSinghR

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सारांश

लाज ने मेरे होंठ सील रखे थे.... मैं कैसे बताती उनको कि मैं एक गलत शरीर में पैदा हुई आत्‍मा हूँ। उन्‍हें मेरी बातें समझ में ही नहीं आ रही थीं, पापा ने मुझ पर बिल्‍कुल भी गुस्‍सा नहीं किया और प्‍यार से पूछा कि क्‍या मैं किसी और से प्‍यार करती हूँ? मैंने पापा को लाख समझाया... नहीं पापा मैं किसी से भी प्‍यार नहीं करती....
अटल पांडेय
bahut achha sir scientific lesson
raghav amit
Awesome story ..... Try to understand children feelings...... my life also related above this story.....
Mohit Bjp
Heard touching story
Sufiyan Bagwan
it's really nice story sir 👌
Mukesh Insan
nice story bahut kuchh seekhane ko mila
patel neha
head's of kumud👍🤘
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