टीस

ज्योत्सना कपिल

टीस
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सारांश

जैसे-2 उपन्यास अपने चरम पर पहुंचता जा रहा था दिव्या लेखक के भावों में डूब उतरा रही थी।वह उपन्यास के पात्रों के साथ रो रही थी,हँस रही थी। कहानी की समाप्ति के साथ नायिका के आँसू उसकी आँखों से बह पड़े।एक ...
Madhusudan Bhatt
nice suspense story and full of attraction
Dinesh Gilra
अच्छी कहानी
डॉ. इला अग्रवाल
होता है ये होता है पर क्यों?????? काश कि ना होता ऐसा प्यार... जिसका नहीं कोई पार ना ही एक हो पाने का आधार
Mnu Vrk
pyari story.... touchy.... same
Manu Prabhakar
कहानी हॄदयस्पर्शी मेडम। कहीँ ना कहीं मैंने स्वयं को महसूस किया ।👌👌
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Archana Varshney
बहुत सुंदर
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