टीनएज ट्रकवाली

मोहित शर्मा ज़हन

टीनएज ट्रकवाली
(199)
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सारांश

पत्रकार ने पूछा, "यह सही रास्ता नहीं है....तुम्हारे पागलपन में 2 निर्दोष लोग मारे गए और कुछ घायल हुए उनका क्या?" कमलू मुस्कुराकर बोला - "उनका कुछ नहीं....जैसे रोज़ सबके सामने बिकती इन लड़कियों का कुछ नहीं। सही रास्ते पर चलकर देख लिया बाबू! कहीं नहीं जाता, बस गोल-गोल घुमाते हो तुम लोग और आदमी थक-हार कर लड़ाई छोड़ देता है।" वह पत्रकार साथी पत्रकारों के सामने अपनी इतनी आसान चेक-मेट कैसे मान लेता, "अब इन लड़कियों का क्या होगा? इतनी ही फ़िक्र थी इनकी तो यह काम करने से पहले इनका तो सोचा होता।"
सुबोध चतुर्वेदी
बढिया,समाधान के साथ प्रस्तुति
Asha A Hope
i really luvd it.. very nice story.... 😘😘😘😘
सनम
bahut hi sandar👍🏻👌🏻
नंदिनी सिंह
बहुत सुंदर कहानी छोटी कहानी में ही बड़ी बात कही गई है
विक्रम शर्मा
सादे किन्तु नपे-तुले शब्दों में अत्यन्त सुन्दर एवं सटीक कटाक्ष। बधाई एवं भविष्य के लिए शुभेच्छा।
Kuku Kuku
कहानी छोटी हैं पर बढ़िया हैं
Geeta (Garima) Pandey
एक अलग सोच दर्शाती अच्छी कहानी।
Chetan Chauhan
samaaj k double standards ko aaina dikhati achchhi kahani
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