टकराव

Kiran Singh

टकराव
(28)
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सारांश

और सालों बाद जब हमारे रास्ते दोबारा टकराए, न जाने कितनी ही यादें ताज़ा हो गईं...तुम हमारे जीवन का वो सच हो जिसे हम कभी भी भुला नही पाये हमने तुम से नफरत करने की बहुत कोशिश की पर नफरत कभी भी नहीं कर ...
Dharm Pal Singh Rawat
बहुत सुंदर। 👌👌👌👌 आप यदि दोनों को अलग दिशाओं में भेजने से पहले बात मनवा लेते की वह अपना संसार बसा लेगा। शायद अछा रहता। हो सकता है आप उन्हें फिर मिला रहे होंगे।
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संतोष नायक
सुंदर रचना।
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janki
great
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Varsha Sharma
nice ...प्रैक्टिकल होना पसन्द आया
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Sarita Chaturvedi
बहुत सुन्दर कहानी ये जरूरी नहीं कि दो साथ चलने वालों के रास्ते एक हो जाये।
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Tara Gupta
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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Shourabh Prabhat
उम्दा लेखन
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शैलेश सिंह
एक अच्छे और सार्थक विषय को लिखा है आपने,, ज्यादातर लोगों की जिंदगी में ऐसा होता है,, पर ये टकराव न हो तो अच्छा रहता है।। थोड़ी हलचल सी होती है,,।।
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Mohit singh bhadoriya
सरल!सहज!उम्दा लेखन!कुछ तो लेखन की बारीकियाँ बेहद अच्छी थीं,,,,वाह..💐💐..🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸,,👌👌👌,,जय माता दी,,
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