झूठ की ललकार

राहुल कुमार

झूठ की ललकार
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सारांश

इस देश में अब झूठ की ललकार है। आमजन रोजी-रोटी को परेशान है।। छिन रहीं हैं नौकरी उजड़ रहे उद्योग। अब कैसे कहें 'अच्छे दिनों' की आस है। बेरोजगारों में आक्रोश की फुँकार है। 'चौकीदार' जो बने, सब मालामाल ...
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