जैसे को तैसा

जयप्रकाश पवार

जैसे को तैसा
(92)
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सारांश

'अब सौ ग्राम सोना कहाँ से लाए ?' इस सवाल का हल जानने गाँव वाले फिर से पंडित जी के पास पहुँच गए।          "उस लड़के से लो, जिसने हमारी बात का विरोध किया था। इससे समस्या भी हल हो जाएगी और उसका भी प्रायश्चित हो जाएगा।" पंडित जी ने उनकी समस्या तुरंत हल कर दी।
Unknown Unknown
bahot achi story h....aise bure logo k sath aise hi hna chahiye....GD job keep it up...
विक्रांत कुमार
बढ़िया कहानी
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Sarita Singh
गुड
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Raveendra Derhgawen
😀😀😀अंधविश्वास के बल पर पोंगापंडितों द्वारा जनता के शोषण को दिखाती सुंदर कहानी
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Deepali Sharma
nice story
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Amarpuri Nidhi
nice humour
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Rakesh Kumar chaurasia
nice story
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Rakesh
Good
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RAJANI GUPTA
अंध विश्वास और पोंगा पंडितों के झांसे में आकर अपना नुकसान करने वालों के लिए यह कहानी एक अच्छा सबक है।
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