बबिता शर्मा
जी आपने सही कहा विद्या के मंदिर में जूते के साथ प्रवेश ,,,, वर्जित होना चाहिए।
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Geetawali Mishra
अन्तिम पंक्ति "जूते का खौफ हो गया "तो मां का पश्चाताप दिखाना चाहिए कि झाड़ लिया होता तो घटना न घटती ।प्रयास उत्तम है।
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Sunita Dev
nice
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Nutan Varma
वेरी ब्यूटीफुल स्टोरी
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Pink Ajmara
बहुत अच्छी रचना
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Hima Das
👌👌👌👌👌👌👌👌👌💐
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Nitu Raj
बहुत सुंदर प्रस्तुति जूता ने जान ली
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Raju Bhai
बढ़िया है
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Adrash Vija
प्रेरक कहानी
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Babu Lal
उत्कृष्ट लेखन
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Bhajan 4550
होनी को अनहोनी में खुद ही टाल सकते हैं बहुत सुंदर प्रस्तुति
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Sita Rajtaver
heart touching story
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Mohan Pandiya
बहुत सुंदर देखकर पहने चाहिए जूते
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Bhavna 1213
👞👟👞👟👞👟🐍🐍🐍🐁🐁🐁🐁🐲🐲🐲🐲🐉🐉🐉🐉🐉🐜🐜🐜🐜🐜🐛🐛🐛🐛 इसीलिए देखकर पहने
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L. d. f. A.
बहुत सुंदर कहानी ,मोहित का अवतार उनका छोटा भाई
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MOHANI KUMARI
बारिश के मौसम में तो विशेषकर जूतों को देखकर ही पहनना चाहिए अनदेखा नहीं करना चाहिए जब पूरी रात जूते पड़े हो तो सुबह उन्हें देखकर ही पहना चाहिए क्योंकि उसमें कोई जहरीला जीव तो नहीं घुस गया हो इसीलिए जूतों को भी पानी की तरह ही देखना चाहिए जैसे पानी देकर पीते वैसे भी जूते देखकर पहनने चाहिए।
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SACHIN GOSWAMI
यहां भी आपने विराम चिन्हों का ध्यान नही रखा ।
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