जीवन की एक सच्ची कहानी और उससे मिली सीख

शुभम सिंह

जीवन की एक सच्ची कहानी और उससे मिली सीख
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सारांश

एक समय की बात थी पिता जी को गाँव के लिए प्रस्थान होना था लेकिन माँ फिर से वही दही चीनी(मीठे) की कटोरी ले समय-दर-समय लगा रही थी ट्रेन के लिए लेट हो रहे थे हम जाना था हमे भी पीता जी के साथ स्टेशन तक ...
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बहुत अच्छी सीख।।काश हम पाठक भी इस कहानी को पढ़कर कोई सीख लें।
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Pratima Vishwa
ये तो आज की दुनिया है जिसमें माता पिता दोयम दर्जे पर चले गये और उन्होंने इसी तरह जीना सीख लिया
अंशु शर्मा
बहुत बढ़िया लिखा है
Poonam Kaparwan
बहुत सही कहा आपने आज के इस समय मे लडकियँाअपने सांस ससुर की सेवा नहीं करती पर अपने भाई से उम्मीद करती है कि भाई उसके माता पिता को वृदा अाशरम ना ले जाय। उमदा लेखन आपका
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Poonam Puri
sabka bachpan ase hi hota h lakin kisi ke mata pita apne bacchon ko tarike se samjhte h tho kuch apni bhadas
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मंजुबाला
सुंदर विचार भाव
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SURYA RAWAT
nice story ... God bless you
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Vijaykant Verma
क्या बात है ! 💐💐बहुत प्यारी कहानी है..
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