जीत

M. Mahira

जीत
(6)
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सारांश

इरादे बड़े हो या छोटे पर अगर वो बँध ...वो पकड़ मजबुत हो तो दुनिया की कोई भी ताकत या मजबूरी उसे उसकी मंजिल तक पहुँचने से नहीं रोक सकती ना ही उसे हिला ही सकती है । रुकावटें दरअसल हमारे इरादों के प्रति हमारे पकड़ का इम्तहान है बस हमें उस इम्तहान में खरा उतरना है।
Ramesh Chandra
Sundar rachana.
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Geeta Ved
nice message but hr kiss ke sapne such nahi ho pate
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