जिंदगी की राहों में

Prashant Vaishnav

जिंदगी की राहों में
(67)
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सारांश

“तुम चले गए, और साथ में वो भी | वो साथ में मेरा प्यार भी ले गई | ऐसा लगता हैं मानो किसी ने दिल में हजारो सुराख़ कर दिए हो | बस एक बात कि ख़ुशी हैं | ये दर्द मुझे याद दिलाता हैं की मुझे उससे प्यार था |”
mansi
waiting for nxt part
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manjit
awesome story...waiting for next part
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shraddha
nyc..next part jldi likhiye
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Anshul
very nice Sir agla pat ap jldi lykr aao
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Rameshchandra Rathod
nice story.
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Rashmi Arya
Nice story... Next part soon...
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Prashant Singh Bhumihar
supar se bhi upar
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Vineeta Sharma
agla part kub Tak aayega
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shikha tyagi
nice
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Kavita Nair
nice
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