जानवर

kapil Tiwari benaam

जानवर
(14)
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सारांश

कहानी> जानवर आज सुबह उठने में जरा देर हो गई। आनन-फानन में तैयार होकर कॉलेज के लिए निकला, रास्ते में देखा कि एक कुत्ता कुतिया की लाश के पास उदास बैठा था। जो भी भूलवश करीब से ...
Shuchi Singh
निःशब्द
Jatin Kant Singh
Nishabd khoobsurati hai kahani ki
Neha Mishra
हृदय को छू लेने वाली सत्यता का चित्रण किया है आपने सच्चाई यही है 😢😢
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Sn Upadhyay
हृदय विदारक कड़वा सच समाज का बेहतर रिन चित्रण।
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💕
सही कहा इंसान ही दंरिदे बन जाते है...और इंसान ही इनसानियत भूल जाता है....जानवर वफादार होते है...सही मायनों में कहे तो कर्तव्य बेजुबान अच्छे से निभाते है...और इंसान सब कुछ भूल जाता है....बहुत खूब लिखा है..
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Indu Kapoor
न जाने कब सब बदलेगा, छटपटाहट होती है ।
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संतोष सुधाकर
अर्थपूर्ण रचना । 👌👍
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Safar Sath Sath
अच्छा लिखा है
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Anurag Chaturvedi
excellent 👌👌💯
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