जाती क्यों नही तुम्हारी तरह

Aditya Sharma

जाती क्यों नही तुम्हारी तरह
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सारांश

सुनो इन यादों से भी कहों ना चली जाये तुम्हारी तरह ये बड़ा सताती है मुझे हमारी मुलाकात की तरह ये मुकरती क्यों नही तुम्हारी बात की तरह जाने इनसे रिश्ता क्या है ये साथ है चाँद और रात की तरह मुझसे ये ...
aparna
बेहतरीन
Anamika Upadhyay
जाती क्यों नही तुम्हारी तरह ....👌
रमेश मेहंदीरत्ता
बहुत मस्त लिखा आपने
Nirmla Nagar
बहुत खूब👌👌
Digital Villege
मेरी जिवनी छिपी है इस कविता में।
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