जरूरत नहीं

Rakesh Sonkar

जरूरत नहीं
(19)
पाठक संख्या − 140
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सारांश

मुकम्मल हूं मैं खुद
Seema Rana
nice
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मो नबी रॉयल
Bahut behtreen bhai
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Kumar Gupta
👍
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सरोज वर्मा
क्या, खूब लिखा है,sir
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Bablu kumar Yadav
बहुत सुंदर👌🙏🏽🙏🏽 आप से निवेदन है कि आप भी हमारी रचनाओं को पढे और उस पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। धन्यवाद🙏🏽
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Dr. Santosh Chahar
"बहुत दूर निकल आया हूं इस तिमिर में, अब उजालों की जरूरत नहीं" बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।
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Vidya Sharma
wah ji ..bhut khoob
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