*छोटे के दिन खोटे* हास्य कविता

Ravi Jangid

*छोटे के दिन खोटे* हास्य कविता
(16)
पाठक संख्या − 48
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सारांश

*****************(Ravi jangid)************ एक थे हमारे श्रीमान जी छोटे.... 1आंख सुजवाकर हाथ पांव छिलवाकर एक दिन घर लौटे.... देखकर छोटे को पत्नी घबराई... और छोटे के पास दौड़ी दौड़ी आई.... भर ली अपने ...
मीनाक्षी भारद्वाज
😂😂😂👌👌👍
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bhagirath choudhary
बहुत सुंदर प्रस्तुति👌👌👌💐💐💐💐💐
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Shyamkumar Hardaha
मजेदार.मित्रों को भी सुनाया
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Chourasiya brajesh
क्या बात है भाई गजब ,,,😁😁😁👌👌
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Mukesh Duhan
nice ji
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sushma gupta
बढ़िया रहा 😃😃😃😃😃😃
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Rajeev Mandal
Amezing
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Rajan Mishra
वाह लाजवाब प्रस्तुति, 😀😀👕👕👕😀😀😀🌹🙏
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