छोटू

अरुण गौड़

छोटू
(74)
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सारांश

आरती आज फिर उस चाय की गुमटी(छोटी दुकान) पर आयी थी. अक्सर आफिस की मशीनी चाय और मशीनी रूटिन से बोर होकर वो और उसके साथी इस चाय की गुमटी पर आ जाते थे, कुछ अगल ही स्वाद था इस छोटी सी दुकान की चाय का. ...
Prakshal Jain
Please give the full story. Don't try to fool us to promote your book
Jaiveer Singh Poonia
बहुत सुन्दर रचना है।
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renu bharti
achi hai
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Ãnüj Náráyañ
बहुत खूब
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r.goldenink
😊...abhi pehle end mai ja ker dekhna padega....tab padna shuru karoongi...march mai hi april fool ban gaya...👌👌
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bulbul
nice
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Jitendra Nath
nice story
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Madhu Veer
aap Puri story pratilipi par kyon nahi dalte
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Pooja Arora
nice story .waiting for next part
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Neetu Sasan
🤐🤐
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