छोटी सी भूल या गुनाह ?

वंदना गुप्ता

छोटी सी भूल या गुनाह ?
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सारांश

“ ये कैसे हो सकता है ? नहीं ये संभव नहीं , वो भी इतने साल बाद ? अपना ही प्रतिरूप . क्या ईश्वर से कोई गलती हो गयी ? एक ही उम्र के तो फिर भी एक जैसे चेहरे देखे जा सकते हैं लेकिन वो भी क्रियाकलाप में एक ...
Maanvik Rawat
बहुत ही अलग कहानी है अच्छी लगी
Heena kashif
khani bht achchi h...pr zra c kmi h qki usne koi ghlt kam nhi kiaa......bs spern donate kia...uski nazar m fun tha...bt kisi ki help hogai.....to isme kisi s nazar na mikane wala kam kuch b nhu
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हुमा सिद्दीक़ी
अच्छी कहानी है
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Shourabh Prabhat
बढिया.... कृपया मेरी रचनाओं पर भी अपनी टिप्पणी दें
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ShrUti DubEy
बहुत सही। ✌️
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Sapna Sharma
adbhut mam bahut badiya plz kash meri aankhe fut jati par samiksha aur reating de thanks
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Vandana Rastogi
आश्चर्य मे डाल दिया कथानक ने ;शायद इसीलिए भारतीय दर्शन मे ब्रह्म चर्य का पालन करने का निर्देश है।मयंक की जैसी कष्ट -प्रद स्थिति से यही बचने का उपाय है।
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Archana Varshney
बहुत बढ़िया एक अलग तरह की कहानी
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