छत

रिवेश प्रताप सिंह

छत
(60)
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सारांश

जब गांव अपने हाथों में मुहब्बत की पोटली लेकर शहरों की रफ्तार के पीछे भागने लगे तो गांव के कुछ घने मकानों को लोग कस्बे के नाम से जानने लगे। घने मुहल्ले में भी लोग दूसरे की ख़ैर ओ खबर रखे तो लगता है कि ...
Raj Bhalla
आप बहुत सुंदर और सरल भाषा में मानवीय संवेदनाओं को चित्रित करते हैं। बहुत प्यारी रचना है।👌👌👌
ashwini jaiswal
सुन्दर , मा्रमिक सत्य के निकट
अनुकृति
बहुत ही उम्दा
Priti Gupta
panch star SE v jyada hote to mai aapko deti .waki mata pita SE HM kuchh farmaise kr ke bhul v jate h PR unhe pura Na krne ka dukh unhe umr bhar rhta h .very nice story
Vimal Saxena
बढ़िया कथानक ,सुखांत
Shweta Paul
bahut bahut achchi....itni touching thi i was crying while reading......sach hi to hai logo ki umar lag jati hai ek chat banane mai.....
Meenakshi Dubey
बहुत ही ह्रदयस्पर्शी कहानी 🙏🙏🙏🙏
Amandeep Kaur
very emotional and heart touching story. just roaming around my mind as true and live video. Congrats Rivesh ji
जगदीश गुर्जर
बेहतरीन । लगता ही नहीं कि कहानी है ऐसा लगता है किसी हकीकत का वर्णन किया है ।
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