चुड़ैल वाला मोड़

विकास भान्ती 'कुलश्रेष्ठ'

चुड़ैल वाला मोड़
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सारांश

सफेद से कपडों में वो लोगों को हाथ देती है उनकी गाडियो में बैठती है और फिर अगले चौराहे से पहले उस गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है l हालाँकि सुबूत तो कोई न था पर हर साल 20-25 कारें यहाँ अपने मालिक को लील लेती थीं । हर कोई इसे चुड़ैल वाले मोड़ के नाम से ही जानता था और ऐसी जगह पर एक लड़की का होना किसी को हज़म नहीं था l
Soumya Misra
विकास बहुत अच्छी कहानी लिखी आपने| अंत तक बाँधे रखा ,बस एपीसोड 14 के बाद से घटनाक्रम कुछ तेजी से घटे पर वो भी अखरे नहीं| और सबसे ज्यादा मुझे पसंद आया कि मात्राओं की गलती नहीं थी | जल्द ही और अच्छी कहानी लाइये| मुझे इंतज़ार रहेगा|
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Naveen goswami
amazing story with amazing facts
Vivek Malik
शानदार कहानी
Bhola Kumar
बहुत अच्छा कहानी लिखना
Himadri Vishnoi
maza a gya padh ke
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Usha Garg
एक ही पार्ट में लिखकर अछा किया और रचना भी अच्छी लगी खास बात एन्ड तक सस्पेंस रहा
Archana Khare
आपकी कहानी चुडै़ल वाली मोड़ काफी दिलचस्प रही और शुरू से अंत तक पढ़ने का एक अलग ही रोमांच रहा,धन्यवाद आपका ऐसी कहानी हम सबके समक्ष प्रस्तुत करने का।
Azeemul Hasan
बहुत अच्छी कहानी
sikander
bahot acchi kahani...
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