चिरैया #ओवुमनिया

नीरा

चिरैया #ओवुमनिया
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सारांश

मैं अरिंदम पेशे से एक सरकारी टीचर हूं । हर रोज की तरह उस दिन भी मैं स्कूल जाने के लिए घर से निकला । अभी मैं गली में थोड़ा आगे बढ़ा ही था कि ना जाने कहां से एक 7-8 साल की लड़की भागती हुई आकर मुझसे ...
Shashi Shevgekar
sach esa hone lage to samaj badal jaega
Devi V
is sanrachna se yah spast hota hai koi bhi insan agar kuchh thhan le to vo kuchh bhi kar sakta hai agar vo teacher hai to sone me suhaga ho jaye ..ek bachhe ki mansik pravritti ko samaghate huve jis prakar is kahane ke teacher ne kiya vah sarahneey hai is prernadayak rachna ke liye lekhak ko dhanyvad .
Vijaykant Verma
बहुत ही सुंदर कहानी है..!💐💐
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Sarla Tiwari
बहुत ही श्रेष्ठ रचना। बालमन का सुन्दर चित्रण किया आपने।
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Manju Lata Gola
बचपन को बहुत अच्छी तरह उकेरा गया है काश ! अरिदमन की तरह ही सभी शिक्षक हों तो कोई भी अनपढ़ नहीं रह सकता ।
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प्रदीप तिवारी
बहुत सुंदर, प्रेरक कहानी
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Fahmina Abidi
nice story
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