चाहत दोनों की

सीमा जैन

चाहत दोनों की
(731)
पाठक संख्या − 25934
पढ़िए

सारांश

सात बजे है दीया को तैयार होकर निकलने में अभी बीस मिनट और लगेंगे।मैं उसकी एक-एक आदत से परीचित हूं इसलिए मुझे कुछ अन्तर नहीं पड़ता, मैं तैयार होकर बीस पच्चीस मिनट अपने आफिस का काम कर लेता हूं। आज तो ...
Varinder Kaur
esa lga jese sachi love story ho koi superb story
Prajakta Gangwal
So sweet romantic story
Meenakshi Gaur
very NC heart touching
Tannu Nehra
very nice story 👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👍🏻👍🏻👍🏻
कल्पना रामानी
वाह! अति सुन्दर
Nirupa Verma
kya baat h mam,,,ye story ne wakai me mujhe nishabd kr diye h,,,aapko Mera pranam w Naman,,, Bhut hi shandar aur behtarin bhi h,,,bhut bhut aabhar,,ki aisi story ko reading krne Ka mouka Mila,,,, heart touching story mam....🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏. ....
रिप्लाय
Utkarsh Mishra
😍😍😍😍😍😍😍
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.