चाहत दोनों की

सीमा जैन

चाहत दोनों की
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सारांश

सात बजे है दीया को तैयार होकर निकलने में अभी बीस मिनट और लगेंगे।मैं उसकी एक-एक आदत से परीचित हूं इसलिए मुझे कुछ अन्तर नहीं पड़ता, मैं तैयार होकर बीस पच्चीस मिनट अपने आफिस का काम कर लेता हूं। आज तो उस
पवन गोगासर
अच्छी कहानी,,बधाई ।।
uttama dwivedi
mja aa gya 👏 🤗 mast
Vandana Ankur Jaiswal
seema ji apki kahani ne mujhe bhut kuch yaad dila diya ......apka bhut bhut shukriyaa😊😊😊
Geeta Rawat
heart touching story. 👌👌
Přiỷãnkà Ģûpťã
Bhot sunder. Ending bhot hi lubhawana huwa ....
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