चाहत दोनों की

सीमा जैन

चाहत दोनों की
(646)
पाठक संख्या − 17406
पढ़िए

सारांश

सात बजे है दीया को तैयार होकर निकलने में अभी बीस मिनट और लगेंगे।मैं उसकी एक-एक आदत से परीचित हूं इसलिए मुझे कुछ अन्तर नहीं पड़ता, मैं तैयार होकर बीस पच्चीस मिनट अपने आफिस का काम कर लेता हूं। आज तो ...
Runaz Bargir
bahut hi sunder aur Romantic...👌👌
shobha
अति सुन्दर कहानी पढते पढते तो उसी मे डूब ग ई थी एक एक लम्हा चलचित्र की भांति चल रहा था बहुत ही अच्छा लिखती हैं आप
Amit Dubay
bahut hi pyari story
pranali gathibandhe
Kash sbhi ko unka pyaar mil jaye
Lakshmi Singh
बहुत ही सुंदर रचना....पढ़ते पढ़ते स्वप्न लोक मैं चली गई। काश......हर प्रेम कहानी का ऐसे ही सुखान्त हो।
NEHA SHARMA
it's truly amazing love story 💐
Harsha S.
Excellent story... very romantic :)
FäîzAñ Saifi
wow osm very intresting story nice
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.