चाय की प्याली

स्वप्ना काद्यान

चाय की प्याली
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सारांश

पिछले माह शादी को २५ साल हो गए है| वक़्त कैसे गुज़र जाता है ,पता ही नहीं लगता | इस घर में बहू बन कर आना ,ये घर संभालना ,बच्चोंं के पहले जन्मदिन से लेकर उनके कॉलेज जाने तक का सफर , सब देखा है इस घर ने | ...
Dr.Jasvir Singh
सहज,सरल, सारगर्भित। यही कहूंगा -----एक दोहे के रूप में: कितना चाहा है तुझे, कैसे करूं बयान, गूंगे का गुड़ मान ले, मन से तू पहचान।।
Apoorva Tripathi
very simple and heart touching...tears are rolling down from my eyes after reading this...
Meera Parihar
मीठी मीठी कहानी,अच्छी लगी
Rajat Tiwari
अच्छा संस्मरण हें... nice क्या दाम चाय के आज भी वही हैं...😊😊
Uma Chillal
bahut hi sunder Katha
ईशा अग्रवाल
बहुत अच्छी कहानी है
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