चाकलेट्स और लाल गुलाब

आशीष कुमार त्रिवेदी

चाकलेट्स और लाल गुलाब
(54)
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सारांश

सचिन ने आत्मीयता के साथ उसका हाँथ पकड़ा " यदि मैं मेहनत करूंगा तो ऐसे बहुत से अवसर मिलेंगे, किन्तु विवाह के समय सुख दुःख में साथ निभाने का वचन दिया था, तुम्हें इस तकलीफ में कैसे छोड़ दूं." प्रतिमा की आँखों से आंसू की अविरल धारा बहने लगी. वो इस प्रेम को पहचान नहीं पाई. सचिन प्यार से उसके सर पर हाँथ फेरता रहा और वह सो गयी.
Rohit Kumar
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Rekha
so nice
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Rekha Pandey
f
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Nitin Mittal
main bhi aisa hi hoon
Rani choudhary
achhii story
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Sandhya Singh
Khubsurat kahani .😊
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Pal Lucky
..
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vandana
wow nice story
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manjuyadav
Lovely
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