चाकलेट्स और लाल गुलाब

आशीष कुमार त्रिवेदी

चाकलेट्स और लाल गुलाब
(101)
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सारांश

सचिन ने आत्मीयता के साथ उसका हाँथ पकड़ा " यदि मैं मेहनत करूंगा तो ऐसे बहुत से अवसर मिलेंगे, किन्तु विवाह के समय सुख दुःख में साथ निभाने का वचन दिया था, तुम्हें इस तकलीफ में कैसे छोड़ दूं." प्रतिमा की आँखों से आंसू की अविरल धारा बहने लगी. वो इस प्रेम को पहचान नहीं पाई. सचिन प्यार से उसके सर पर हाँथ फेरता रहा और वह सो गयी.
Nisha Singh
very nice
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Archana Varshney
बहुत सुंदर
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Neelam Singh
very sweet story
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Poonam Sethi
ati sunder prem katha
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Shalu Ghildiyal
😊😊
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Gaurav Kumar 'वशिष्ठ'
अति सुंदर, वाह।
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Ravi Sinha
अत्यंत सुंदर
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mukesh nagar
बहुत अच्छी कहानी...सच्चा प्रेम क्या है??यही तो..👌👌👌
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Sunand Sharma
Nice
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कोमल 'वाणी'
खूबसूरत
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