चलो भगवान् बेचते हैं

SURYA RAWAT

चलो भगवान्  बेचते हैं
(20)
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सारांश

( सच्चाई से परिचय कराती कांता की कहानी... बहुत पसंद आएगी आपको ) कांता अपने ऊपर के दो बटन खोलकर लोगों को रिझाती थी , एक दिन बस्ती में ख़बर फैली कि , इन सभी आदमी लोग को.....
गजेन्द्र भट्ट
अच्छी कहानी जो अन्त तक ले जाती है, बधाई!👍 ...किन्तु अफसोस, इस कहानी का अन्त कभी हो ही नहीं सकता!
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Hemlata Verma
sacha aaina hai. ye is jhoothi muskrati duniya ka ..bhut hi ummda lekh hai apka .
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aparna
आपकी कहानियाँ रूला के ही छोड़तीं हैं सर 🙏🙏🙏
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Jyoti Gupta
बहुत उम्दा....
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Shweta Dubey
aisi kahaniya likhna bs apke hi bs ki baat h
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रीना शंखवार
मार्मिक अंत एक सच्ची औरत का। दुख भरी कहानी। इन विषयों पर लिखने के लिये सचमुच बड़ी हिम्मत चाहिए। आपको बधाई
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Akashkumar saini
cahe kitna bi rs pila de ye ortjatiya pr fir bi puchne wala koi nahi .tank you
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Monika Kaushik
bhut dukh hua beccho ke haalat dekhker lkin kehtey h na ki maabaap ka kerz beccho ko hi chukana pedta h aese hi Dinesh ke kiye ko Uske beccho ko hi sahna peda teen din mei almost aapki saare hi kahani pedli Sach mei bhut Accha likhtey h aap lkin kya aapne Koi simple si prem kahani likhi h jisme Koi Sikh ya sandesh na ho bus pure love ho
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Rajesh Shukla
Always your top story 5 star
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