चलो नये शहर चलते है

शुभम सिंह

चलो नये शहर चलते है
(30)
पाठक संख्या − 274
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सारांश

!!! नये शहर चलते है अपने ग़मो को कुछ कम करते है !!!
प्रीती वर्मा
waah ji lajawab creation...ati sunder 👌👌👌💐💐
Arun Sharma
ek dam zakhas👌👌
Vijay Singh
गम का वास्ता तो दिलोदिमाग से होता है लेकिन जगह बदलने से थोड़ी फौरी तौर पर राहत भी मिलती है ।
Deepak Hurmade
कुछ अधूरी सी कहानी लगी
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अजय अमिताभ सुमन
कविता के भाव अच्छे हैं , पर कविता में प्रवाह की कमी है . सार्थक प्रयास हेतु धन्यवाद.
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मंजुबाला
सुंदर खोज की भावना
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Shudhanshu Kumar
best
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Neetu Kaushik
bht achha likha h apne👌👌👌👌
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sakshi Shivhare
bhhht khoob
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